आईएसएम पटना, 14 दिसंबर 2024: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, पटना (आईएसएम पटना) ने 13 दिसंबर 2024 से दो दिवसीय 8वें नेशनल मैनेजमेंट समिट एंड रिसर्च कॉन्फ्रेंस (एनएमएसआरसी-2024) का आयोजन किया। इस वर्ष के सम्मेलन की थीम थी "सतत विकास और लचीलापन: प्रबंधन और सूचना के बीच समन्वय"। इस सम्मेलन ने शिक्षा जगत और उद्योग के बीच बदलते प्रबंधन तथा सूचना प्रणाली से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर सार्थक संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
इस आयोजन का नेतृत्व संस्थान के निदेशक, डॉ. वी. बी. सिंह, और अध्यक्ष, श्री समरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष, श्री देवल सिंह, और सचिव, श्री अमल सिंह के प्रेरणादायक मार्गदर्शन में किया गया। सम्मेलन में उद्घाटन सत्र और तीन तकनीकी सत्रों सहित कुल चार सत्र आयोजित किए गए।
इस सम्मेलन का आयोजन मुख्य रूप से प्रबंधन स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएम) के छात्रों के लिए किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ताओं में शामिल थे: प्रोफेसर (डॉ.) शशांक भूषण लाल, विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, एप्लाइड इकोनॉमिक्स और कॉमर्स, पटना विश्वविद्यालय, सीएमए मोशर्रफ हुसैन, मुख्य लेखा अधिकारी, बीएसएनएल पटना, सीएमए (डॉ.) एम. अमानुद्दीन, प्रैक्टिसिंग कॉस्ट अकाउंटेंट, श्री पुष्य मित्र, वरिष्ठ पत्रकार, इंडिया टुडे, सीए चिरंतन भट्टाचार्य।
उद्घाटन सत्र का आरंभ डॉ. शाह अली अदनान, सह-संयोजक और आईएसएम पटना के मार्केटिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर द्वारा स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद संस्थान की एडमिन और प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी, प्रो. नीरू कुमारी ने सम्मेलन की थीम पर प्रकाश डाला। उन्होंने डेटा-आधारित रणनीतियों, सतत विकास के लिए डिजिटल परिवर्तन, और सूचना प्रबंधन के नैतिक आयामों जैसे विषयों पर चर्चा की। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. नेहा झा, सहायक प्रोफेसर, मानव संसाधन विभाग, आईएसएम पटना द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इसके बाद, तकनीकी सत्र में छात्रों, शिक्षाविदों तथा उद्योग विशेषज्ञों ने अपने विचार और शोध प्रस्तुत किए। इस सत्र की अध्यक्षता सीए चिरंतन भट्टाचार्य, प्रो. सुधीर कुमार सिन्हा, और डॉ. शाह अली अदनान ने की।
शनिवार को आयोजित दो अन्य तकनीकी सत्रों में दस शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों की अध्यक्षता प्रो. सुधीर कुमार सिन्हा, प्रो. पूजा दुबे, डॉ. शाह अली अदनान, और डॉ. डी. एन. सिंह ने की। प्रस्तुत शोध पत्रों में डिजिटल अर्थव्यवस्था, सतत विकास के लक्ष्यों, ग्रीन फाइनेंस, वित्तीय समावेशन, माइक्रो-फाइनेंस, तकनीकी नेतृत्व, और जनजातीय समुदायों पर आधुनिक मीडिया के प्रभाव जैसे विषय शामिल थे।
सम्मेलन का समापन वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें चारों तकनीकी सत्रों की मुख्य बातों का सारांश प्रस्तुत किया गया। छात्रों और प्रतिभागियों से प्राप्त प्रतिक्रिया को भी साझा किया गया। सह-संयोजक, डॉ. शाह अली अदनान ने समापन धन्यवाद ज्ञापन दिया तथा सभी गणमान्य अतिथियों, शोध प्रस्तुतकर्ताओं, और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के प्रयासों की भी सराहना की, जिनके सहयोग से यह सम्मेलन सफल रहा।